सीनियर लड़की की सहेली की चुदाई

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मैंने अपनी सीनियर को गर्लफ्रेंड बनाकर उसकी चुदाई की. उसकी रूममेट ने हमारी चुदाई छिप कर देखी तो वो भी मुझसे अपनी चूत चुदाई करवाना चाहती थी. सहेली की चुदाई कैसे हुई?

दोस्तो, एक बार फिर मैं हाज़िर हूँ आगे की कहानी लेकर!
मेरी पिछली कहानी के दो भागों
सीनियर लड़की की कामवासना-1
सीनियर लड़की की कामवासना-2
में अब तक आपने पढ़ा कि मैंने कैसे अपनी सीनियर को गर्लफ्रेंड बनाकर उसकी चुदाई की पूरे 6 दिन.
जब वो छुट्टी से आई तो मैंने उसके फ्लोर पर जाकर उसे चोदना चाहा लेकिन वो जल्दी झड़ कर सो गई।

मैंने उसकी पैंट उतारी, तो नीचे भी सफेद पेंटी थी. उसे पूरा नंगा किया, गोद में उठाया और रूम में ले जाकर बेड पर लिटा दिया. मैंने अपने कपड़े उतारे और उसे चूमना शुरू कर दिया.

वो मचल रही थी. मैं उसकी चूत चाटने लगा … तो वो और ज्यादा मचल रही थी.

मैंने उसकी चूत में जोर से उंगली करना शुरू किया. करीब 5 मिनट बाद वो झड़ गई और गिर गई.
मैंने कहा- प्रीति उठो … मुझे तुम्हें चोदना है.
उसने कहा कि आज नहीं … मुझे अच्छा नहीं लग रहा है.

मुझे उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था. मैं रूम से बाहर आया. मैं पैंट पहन रहा था कि अचानक मुझे पीछे से किसी ने पकड़ लिया. ये पकड़ प्रीति की नहीं थी.

उसके बूब्स मेरे सिर के नीचे गले के पास से दब रहे थे उसके इस स्पर्श से मेरे हाथ से पैंट छूट गयी. प्रीति की हाइट छोटी थी और जैसे उसने पकड़ा था वो कोई और थी. मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो वो चिकनी सफेद दूध जैसी स्काई ब्लू शर्ट और लांग स्कर्ट में एक सेक्सी भरे बदन की लड़की थी. टांगें उठा कर चोदने वाला फिगर, लंबे लंबे बाल, बड़ी बड़ी चूचियाँ, पतली कमर, गांड उभरी हुई।

देखने में वो प्रीति से कम नहीं थी बल्कि वो मुझसे थोड़ी लंबी लड़की थी जिसकी वजह से वो मुझे और सेक्सी लग रही थी. मैं आश्चर्य में था और सच कहूँ तो मेरा लंड अब उसकी चूत का प्यासा था. मेरा लंड फुंफकार मार रहा था.
वो ये देख कर अपने होंठ चबा रही थी.

मैंने कहा- आप कौन?
उसने कहा- मैं प्रीति की सीनियर और उसकी सहेली प्रिया हूँ.
प्रिया असिस्टेंट मैनेजर थी हाउस कीपिंग में!

मैंने कहा- अभी तो कोई नहीं था?
उसने कहा- तुम सोनू हो?
मैंने कहा- हाँ!

वो बोली- जब तुम रूम में आये तब मैं सामने आने वाली थी. लेकिन जब तुमने पीछे से प्रीति के बूब्स दबाना शुरू किया तो मैं छुप गई थी और सब कुछ छुप कर देख और सुन रही थी कि तुमने प्रीति को कैसे मदहोश किया. लेकिन वो तुम्हें मजा नहीं दे पाई. मैं यह भी जानती हूं कि तुमने प्रीति के साथ कितने मजे किये. और सच कहूँ … ज़ब आज तुम्हें उसकी चूत चाटते हुए देखा तो मेरा दिल और चूत दोनों मचल गये।
मैंने कहा- क्या फायदा … मेरी प्यास कोई नहीं बुझा पायेगा.

उसने कहा- एक बार मौका तो दो.
मैंने कहा- कैसे?
उसने कहा- आज तो छुट्टी हो गयी है और कल मेरा ऑफ है. लेकिन फिर भी मैं तुम्हारे लंड को शांत कर सकती हूं.
वो मेरे लंड को बार बार देख रही थी.

मैंने कहा- कैसे?
उसने मुझे लिप्स पर चुम्बन किया और कहा- तुम इस सोफे पर बैठो.
उसने मुझे बिठाया.

मेरा लंड आधा खड़ा था. वो देख उसने कहा- तुम्हारा लंड मेरी तड़प भी मिटाएगा.
इतना कहकर उसने लंड पर थूका और दोनों हाथों से हस्तमैथुन करने लगी.

उसका लंड पकड़ना मुझे मदहोश कर रहा था. उसने 12 मिनट तक दोनों हाथों से मेरी मुठ मारी. मेरा लंड अब पूरा खड़ा था.

उसने पूछा- तुमने कितनी बार सेक्स किया है?
मैंने कहा- याद नहीं.

वो मुस्कुराई उसने तुरंत मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और मेरे हाथ अपने बूब्स पर रख दिये. वो अपनी चूत पर उंगली करने लगी.
ओफ्फ्फ … उसके टाइट बूब्स दबाकर मेरा दिल कर रहा था कि उसे अभी चोद दूँ लेकिन डर था कि कोई आ ना जाये।

प्रिया मेरे लंड को झटके के साथ बहुत मस्ती से चूस रही थी.

करीब 15 मिनट बाद मैं झड़ने वाला था कि मेरे मुँह से आहहह निकली. मैंने उसका सिर लंड पर दबा दिया और कहा- पी जाओ जान!
सच कहूं तो प्रिया की लंड चुसाई ने मुझे मैम की याद दिला दी.
मैंने कह भी दिया- तुमने मुझे मेरी टीचर याद दिला दी.

प्रिया ने मुझे झाड़ कर मेरे लंड को चाट कर साफ किया और उसने कहा- अभी तक इतना माल मैंने कभी नहीं पिया क्योंकि आज तक जितने मिले, जिस्म से तो बड़े थे लेकिन लंड में दम नहीं था. तुम मुझसे छोटे हो लेकिन तुम्हारी चुदाई का तरीका बहुत मजेदार है.

मैंने सोचा कि मैं आज इससे पहली बार मिल रहा हूँ तो इसे कैसे पता? मैंने पूछ लिया- मैम आप इतना कैसे जानती हैं मेरे बारे में?
उसने कहा- बाद में बताती हूँ, अभी मुझे देर हो रही है लेकिन मेरी चूत तुम्हारे लंड को मांग रही है. मेरी तड़प और खुजली तुम्हारा लंड मिटाएगा। आज रात तुम मुझे मेरे रूम पर मिलोगे वो भी शिफ्ट के बाद! आज खाना वहीं खाना और मुझे भी।

इतना कह कर वो वाशरूम जाने लगी. मैंने उसे देखा तो ऐसा लग रहा था कि उसकी जवानी उफान मार रही हो. एकदम कातिलाना जिस्म था उसका … उफ्फ उसके चूतड़, उसकी कमर और ऊपर से गांड का शेप बहुत मस्त था.

मेरा लंड फिर तैयार हो गया उसे देख कर … काश मैं अभी चोद पाता उसे मैं जोश में था।

मैं बिना किसी परवाह के उठा और उसे पीछे से पकड़ कर बूब्स दबाने लगा. मैं इतनी तेज से दबा रहा था कि उसी सिसकियाँ निकल रही थी- आहह हहह … उम्मम … ओह्ह!
वो कह रही थी- अभी छोड़ दो मुझे सोनू … मैं आज रात के लिए तुम्हारी हो जाऊँगी।

उसने इतना कहा तो मैंने कहा- मेरी भूख बढ़ गयी है, मैं तुम्हें अभी चोदना चाहता हूँ.
मैंने उसकी स्कर्ट के अंदर चूत में उंगली डाल दी.

वो ढीली पड़ने लगी और उसकी आवाज बढ़ गयी. मैंने जोर से उंगली करना शुरू किया. उसने मेरा लंड पकड़ लिया. वो मेरे लंड को दबा रही थी. मुझे हल्का दर्द हो रहा था.

मैं रुका नहीं, मैं और जोर से उसकी फुद्दी में उंगली करने लगा।

उसने तेज आवाज में कहा- रुक जाओ … नहीं तो मैं तुम्हारी शिकायत कर दूंगी.
मैं डर गया कि इतनी अच्छी प्रॉपर्टी में जॉब से निकलना … मतलब मेरे इस इंडस्ट्री में करियर खत्म हो जाएगा.

मैंने खुद पर काबू किया और कहा- सॉरी मैम!
उसने कहा- सॉरी मत कहो सेक्सी … मेरा जिस्म देख कर किसी का भी मन डोल जाए.
फिर उसने कहा- आज रात मेरे रूम पर आओ.

उसने मुझे लिप्स पर चुम्बन दिया और चली गयी.
मुझे यह पता था कि प्रीति कहाँ रहती है।

लेकिन सच कहूँ तो मेरा लंड बहुत चुदक्कड़ बन चुका है. अब उसे प्रिया के जिस्म की भूख थी. इसने कितनी लड़कियों के चूत को फाड़ा और चरम सीमा पर पहुँचा दिया कि सही से याद भी नहीं. मगर अब इसकी भूख और बढ़ गयी है.

खैर मैं अपनी शिफ्ट पूरी करके होटल से नहाकर मस्त तैयार होकर करीब रात के 10:30 पर उसके रूम के लिए निकला.
वो एक अपार्टमेंट में रहती थी और उसके साथ प्रीति भी रहती थी।

मैंने बेल बजाई, गेट खुला तो देखा उसने गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी. वो मुझसे लंबी थी तो मैं उसे नज़र उठा कर देख रहा था. वो बहुत सेक्सी दिख रही थी, उसका जिस्म खिल रहा था.

उसने मुझे डाइनिंग टेबल पर बैठा कर खाना दिया. फिर उसने रेड वाइन निकाली.
मैंने कहा- मैं नहीं पीता.
उसने फ़ोर्स नहीं किया बल्कि उसने अपने मुँह में भर कर वाइन मुझे चुम्बन करते हुए पिला दिया.

मैं पहली बार पी रहा था तो अजीब लगा. लेकिन कुछ देर बाद मुझे अच्छा लग रहा था. मैं प्रिया को देख रहा था. उसे देख कर लग रहा था वो सेक्स की भूखी है. मैं खुद भी उसे मन भर कर चोदना चाहता था।

मैंने कहा- प्रीति कहाँ है?
उसने कहा- वो अपने रूम में सो रही है.

मैंने देर न करते हुए उसे कमर से पकड़ कर उसी टेबल पर बिठा कर उसके होंठ चूसने शुरू किए, उसके बूब्स दबाने लगा.
वो मदमस्त हो रही थी.

मैंने उसकी साड़ी को खोल दिया. उफ़्फ़ क्या नाभि थी!
उसके जिस्म से एक अलग ही खुशबू आ रही थी उसकी!

मैं उसके होंठ चूसते हुए नीचे की तरफ बढ़ा. जब उसके गले पर पहुँचा तो उसने मेरा सिर पकड़ लिया. मैंने उसके ब्लाउज को उतारा. उसने कोई ब्रा नहीं पहनी थी. उसके बूब्स गोल और बड़े थे.

मैंने उन्हें चूसना शुरू किया. वो मेरे सिर को पकड़ कर सिसकारियाँ ले रही थी- अहह, आहह श्सहह ओहहहह!
उसकी ये आवाजें मुझे और जोश दे रही थी.

मैं और नीचे बढ़ा, उसकी नाभि चूमि तो वो मस्त हो गयी. ये सुन देखकर मेरा लंड खड़ा होना शुरू हो गया। मैं और नीचे बढ़ा उसके पेटीकोट को ऊपर उठाया और उसकी फुद्दी में उंगली करने लगा. वो और मदहोश हो गयी.

फिर मैंने जैसे ही उसकी चूत पर जीभ मारनी शुरू की तो वो तड़प उठी. उसने मेरा सिर छोड़ दिया और दोनों हाथ से टेक ले लिया.
मैं और तेजी से उसकी चूत चूस और चाट रहा था.

वो मदहोश होकर टेबल कर लेट गयी. करीब 10 मिनट बाद उसकी चूत गीली हो चुकी थी.
मैंने पूछा- प्रीति भी है, वो आ गयी तो?
उसने कहा- वो सो रही है। चिंता न करो, उसे नहीं पता चलेगा. बस तुम मुझे खुश करो.

मैंने फिर उसकी चूत चाटनी शुरू की तो उसकी आवाजें बढ़ गयी आहहहह उहहह सिसस्स!
वो सेक्सी आवाज में कह रही थी- चोदो मुझे!
मैंने कहा- इतनी जल्दी क्या है?
उसने कहा- मेरी फुद्दी की खुजली बढ़ गयी है, लंड डाल दो।

मैंने कहा- जान कंडोम तो पहन लूं.
तो उसने कहा- मत पहनो … मुझे कोई बीमारी नहीं है. और तुम्हारी चुदाई बताती है कि तुम भी ठीक हो.
उसने कहा- मुझे तुम्हारे लंड का असली मजा लेना है।

मैं भी खुश था और मुझे भी यकीन हो गया था कि प्रिया मुझे सैटिस्फैक्शन देगी. क्योंकि जिस तरह से मैंने उसकी चूत चाटी और चूसी वो नहीं झड़ी और ऐसे में प्रीति दो बार झड़ जाती।

मैंने कहा- प्रिया, मेरे लंड को खड़ा करो.
मुझे हल्का नशा था वाइन का … मगर वो होश में थी.

उसने मेरे कपड़े उतारे, मुझे नंगा किया.
जैसे ही मेरा लंड कपड़े से बाहर आया वो प्रिया के मुँह से टकरा गया क्योंकि प्रिया बैठी हुई थी मेरे लंड के पास.
उसने कहा- लग रहा है इसे भी चूत चाहिए.
मैंने कहा- मैं तुम्हें तभी चोदना चाह रहा था.
उसने कहा- आज की रात मैं तुम्हारी हूँ, जितना चोद सकते हो, चोद लो।

उसने मेरा लंड चूसना शुरू किया. मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया. उसका मुँह तो भरा था लेकिन उसमें कुछ अलग ही बात थी. उसका चूसना मैम से भी अच्छा और सेक्सी था. जब उसने खुद अपने गले तक लंड लिया तो मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड कितनी अच्छी जगह पर है.

तब उसने मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकाला और बोली- अब देर न करो, मेरी चूत की तड़प मिटा दो।
मैंने कहा- जान, बेड कहाँ है?
वो मुझे अपने कमरे में ले गयी, दरवाज़ा बन्द किया उसने!

मैं बेड पर सीधा लेट गया और मेरा लंड हवा में खड़ा था. मैंने कहा- इस पर बैठ जाओ!
वो अपनी पीठ मेरी तरफ करके मेरे लंड पर बैठ गयी और अपनी चूत के मुँह पर लंड रख कर दबा रही थी. लेकिन लंड चूत के अंदर नहीं जा रहा था.

मैं समझ गया कि ये काफी टाइम से नहीं चुदी है.
मैंने कहा- घूम जाओ.
अब उसके बूब्स मेरी तरफ थे.

मैंने कहा- कोई तेल है?
उसने कहा- तुम्हारे सिर के पास रखा है.
मैंने कहा- इसे लंड पर डालो.

उसने पूरे लंड को तेल से नहला दिया.

मैंने कहा- थोड़ा उठो.
वो हल्की हवा में उठी, मैंने लंड का टोपा उसकी चूत पर रख कर एक उसकी कमर पकड़ कर झटके से बिठाया.
तो वो तड़प उठी.
मेरे आधा लंड उसकी चूत में था.
वो चिल्ला दी- चुद गयी!

अचानक उसकी भाषा बदल गयी. जो इतने प्यार से बात कर रही थी, अब वो कह रही थी- मादर … तेरा लंड मेरी चूत फाड़ देगा.
मैंने कुछ नहीं सुना और एक झटका और मार कर पूरा लंड अंदर कर दिया.

वो उछल कर हटना चाह रही थी लेकिन मैं उसकी कमर दोनों हाथों से जकड़ कर जोर जोर से अंदर बाहर करने लगा. उसके बूब्स मेरे मुँह पर थे. मैं उन्हें अंगूर की तरह चूसता और काटता. वो पहले बहुत तड़प रही थी दर्द से क्योंकि थोड़ा सा खून उसकी चूत से बाहर आया था.

लेकिन मेरी ऐसी चुदाई से अब वो भी मजे ले रही थी.
उसने कहा- प्रीति सही कह रही थी! तू बहुत जबरदस्त चोदता है. तुमने मेरी चूत को ढंग से मारा. मैं तुझे प्रमोशन दिलाऊंगी।
यह सुन कर मैं और ज्यादा जोश में आ गया और जोर से झटके मार रहा था.
पर उसकी चूत भी झड़ने का नाम नहीं ले रही थी और मेरा लंड भी।

करीब 25 मिनट उसी तरह उसे चोदते हुए मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ.
तभी प्रिया का भी जिस्म अकड़ना शुरू हो गया.
मैं समझ गया ये भी झड़ने वाली है.

तो मैंने जोश में उठाकर उसे नीचे किया और खुद ऊपर हो गया और तेजी से चूत मारने लगा. उसकी भी ‘आहह’ चीख निकल गयी और मेरी भी मैंने अपना पूरा माल उसके अंदर छोड़ दिया.
वो भी झड़ी तो उसका पानी बाहर आया जो मेरे लंड को गीला कर रहा था.

मैं उसके ऊपर वैसे ही लेट गया. मेरा लंड उसकी चूत में था और सिर उसके चूचों पर!
उसने भी मुझे जकड़ लिया.

उस रात हमने तीन बार सेक्स किया … वो भी पूरे मजे के साथ!

दोस्तो, यह कहानी यही नहीं खत्म होती है. बल्कि उस रात के बाद क्या हुआ, यह मैं आपको बाद में बताऊंगा. अपने अगले भाग में।
अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी होगी? मुझे ज़रूर बतायें.
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