Chus Bhbhi ki mst Chui > दोस्त की चुदास बीवी

[]

हैलो दोस्तो। अन्तर्वासना के दुनिया में सबका स्वागत करता हु. मैं रोज़ फ्री हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट नेट पर चुदाई की कहानियाँ पढ़ने आता हु… आशा करता हु के आपने इस मस्त चुदाई कहानी (chus bhbhi) का पहला भाग ज़रूर पढ़ा होगा..

अगर नही पढ़ा तो ज़रूर पढ़िए.. अब आगे..

Chus Bhbhi ki Chui > आखिर चुद ही गई नखरीली साली

मैंने उसे बोला कि सीमा अब रहा नहीं जाता, आज मुझे सब कुछ करना है.

उसने कहा कि रुको मैं अभी आती हूं.

उसने बाहर जाकर गेट के बाहर बैठे अपनी दादी को कहा कि मैं नहाने जा रही हूं कोई अंदर ना आए और वह फिर मेरे पास आ गई.

उसने आते ही मेरी पेंट का बटन खोला और पेंट नीचे खिसका दी.

फिर उसने मेरे अंडरवियर के ऊपर से ही मेरे लंड को दांतों से पकड़ लिया और धीरे-धीरे दबाने लगी मैं आनंद में आकर आंखें बंद करके उसके सिर के बालों में हाथ घुमा रहा था.

उसने धीरे से मेरे अंडरवियर को नीचे किया और मेरे लंड को पकड़ कर मुट्ठी में भींच लिया.

Chus Bhbhi ki Chui > दीदी ने कराया धोखे से बलात्कार

उसने मेरे लंड के सुपाड़े की खाल पीछे की और अपने जीभ की नोक मेरे लंड के सुपाडे पर घुमाई.

मुझे लगा कि मेरा पानी बस अब निकलने ही वाला था.

उसने अचानक मेरा लंड पूरा का पूरा मुंह में घुसा लिया उसके मुंह की गर्मी से मेरा पानी छूट गया..

मगर मैं हैरान रह गया कि उसने मेरा लंड मुंह से बाहर नहीं निकाला और मेरे वीर्य को गटक गई.

वह मेरे लंड को अंदर-बाहर करती रही.

कभी हल्का सा दांत से दबाती तो कभी पूरा का पूरा निकल जाती मेरा लंड जो कि पानी निकलने के कारण अब शांत हो जाना चाहिए था मगर वह उसके मुंह की गर्मी से और वासना के नशे में और ज्यादा कठोर होता चला गया.

अब मैंने उसके मुंह से लंड निकाला और उसके होठों को चूमने लगा.

Chus Bhbhi ki Chui > मेरी माँ की मोटी गांड

मैंने उसे धीरे से बेड पर लिटाया और उसका ब्लाउज खोल दिया.

उसकी मोटी मोटी चूचियां ब्रा में समा नहीं रही थी.

मैंने कोशिश की मगर मैं उसकी ब्रा का हुक खोल नहीं पाया क्योंकि मैं बहुत जल्दी में था.

वह मेरी इस जल्दबाजी को देख कर हंसने लगी.

उसकी हंसी को देख कर मुझे गुस्सा आया और मैंने एक झटके में उसकी ब्रा फाड़ दी.

उसके दोनों चुचियों को हाथ में पकड़ लिया और धीरे-धीरे दबाने लगा.

उसकी चूचियां बहुत टाइट थी.

जब मैंने अपनी उंगलियों को हटाया तो मेरी उंगलियों के लाल निशान उसकी चूचियों पर दिखाई देने लगे.

मैंने उसकी एक चूची के निप्पल को मुंह में भर लिया और चूसने लगा.

Chus Bhbhi ki Chui > जीजू ने आधी रात में छत पर चोदा

मैं कभी दाएं चूची को चूसता तो कभी बाई को।

वो कभी हसने लगती तो कभी खिलखिलाने लगती और मै उसकी इस हरकत पर पागलों की तरह चूसता ही जा रहा था.

मुझे कुछ भी होश नहीं था.

वो नीचे हाथ ले जाकर मेरे लंड को धीरे-धीरे सहला रही थी.

मुझे लंड में दर्द महसूस होने लगा.

ऐसा लग रहा था जैसे यह फट जाएगा.

फिर मैं नीचे गया उसके पेटीकोट को ऊपर उठा दिया गोरी गोरी टांगों के बीच उसकी गुलाबी सी गोल सी प्यारी सी फूली हुई चूत.

मैंने उस पर धीरे से जीभ लगाई मेरी जीभ लगाते ही उसने अपनी कमर उठा दी और आह आह बाबू जान ऐसा मत करो मेरी जान निकल जाएगी ओह कम ओंन जान फॅक मी जैसी आवाजें निकालने लगी.

Chus Bhbhi ki Chui > पड़ोस की मस्त भाभी

मैंने उसके पैरों को चौड़ा किया और उसकी चूत को किश करने लगा.

वो पागलों की तरह मेरे सिर के बालों को खींच रही थी.

क्या नजारा था, मैंने अब धीरे जी अपनी जीभ की नोक उसकी चूत की दरार में घुमाई.

उसने कहा अब मैं नहीं रह सकती प्लीज़ जान अब और नहीं..

अब मैंने उसकी चूत अपनी उंगलियों से खोलकर उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ डाल दी.

उसकी चूत से नमकीन सा पानी निकल रहा था.

मैं उस पानी को चाटते रहा.

वो पागलों की तरह ओह ओह आह जान बाबू कर रही थी.

मुझे चाटना कोई खास अच्छा तो नहीं लग रहा था मगर उसकी बेचैनी को देखकर मजा आ रहा था.

Chus Bhbhi ki Chui > छोटी बहन की चूत की तड़प

[]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *