Desi Chachi Xxx story – चाची को उसके मायके में जमकर चोदा


देसी चाची Xxx स्टोरी में पढ़ें कि मैं चाची को उनके मायके छोड़ने गया तो मैंने लगातार दो रात चाची को कई कई बार चोदा. गांड भी मारी मैंने चाची की.

दोस्तो, मेरी सगी चाची के बारे में आप सब जानते ही हो वो कितनी सैक्सी है।
चाची की गान्ड और भरी भरी चूचियां देखकर हर कोई उसका दीवाना बन जाए और चोदने के लिए तैयार हो जाए।

मेरी पिछली देसी चाची Xxx स्टोरी थी: गांव वाली सगी चाची को चोदा बार बार

एक बार मेरी चाची की अम्मा की अचानक तबीयत खराब हो गई और चाची को अपने घर जाना था।
मेरे चाचा का कुछ पता नहीं रहता वो पीकर कहां पड़े थे।

मेरी मम्मी ने मुझसे कहा- राज बेटा, तू चाची को घर छोड़कर आ जा. नानी की तबीयत ठीक नहीं है।
मैंने कहा- ठीक है.
और मैं तैयार हो गया।

चाची ने एक बैग लिया और बाइक लेकर हम दोनों आ गए दोपहर के 3 बजे हम चाची के घर पहुंच गए।
नानी का इलाज करवाने में शाम हो गई।

चाची ने मम्मी को फोन किया दीदी राज आज रात यहीं रूक जाएगा।
मम्मी ने कहा- ठीक है. देख लो. अगर अम्मा की तबीयत ठीक न हो तो राज को रोक लेना. वो तुम्हारी हैल्प करेगा।

शाम को हमने खाना खाया और मैं दूसरे रूम में सोने चला गया।

नानी के घर में दो कमरे हैं, एक में नानी और चाची लेट गई।

मुझे नींद नहीं आ रही थी तो मैं अन्तर्वासना पर कहानी पढ़ने लगा और अपना लन्ड सहलाने लगा।
मैं पूरा नंगा हो कर अपने काम में लगा हुआ था।

थोड़ी देर बाद चाची आ गई, मैंने ध्यान नहीं दिया।
चाची ने एकदम से मेरे लंड को पकड़ लिया.

मैं हड़बड़ा गया।
मैंने पूछा- आप यहां?
वो बोली- अम्मा दवा खाकर सो गई है।

मैंने कहा- वो जाग गई तो?
चाची बोली- मैंने अम्मा को बोल दिया कि मैं राज के कमरे में सो जाऊँगी।

अब चाची ने अपनी साड़ी ब्लाउज उतार दिया और ब्रा पैन्टी में मेरे बिस्तर पर आ गई।

मैं पहले से नंगा हो गया था और अब चाची ने मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया।

मैंने अपना फोन टेबल पर रख दिया और चाची की ब्रा खोल दी अब उसके बूब्स मसलने लगा।

चाची ने अपने मुंह में लंड डालकर चूसना शुरू कर दिया. मैं झटके लगाने लगा, अब चाची के गले तक लंड जाने लगा।

कुछ ही देर बाद मैंने चाची की पैंटी उतार दी और चाची को लिटा दिया।
हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और एक-दूसरे के अंगों को चूसने लगे।

हमें रोकने वाला कोई नहीं था और अब हम दोनों गर्म हो गए थे।

मैंने चाची को नीचे लिटा दिया और ऊपर चढ़कर चूत में लन्ड घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगा। होंठों पर होंठ रख कर चोदना शुरू कर दिया।
अब चाची अपनी गांड उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी।

आज की रात हम दोनों की रात थी.

अब मैंने चाची की एक टांग उठा कर चोदना शुरू कर दिया.
‘आहहह ऊहह अहह म्मह’ करके चाची लंड ले रही थी।

अब मैं भी जोश में आ गया और तेज़ तेज़ झटके लगाने लगा।

हमने पहले भी चुदाई की थी लेकिन घर में डर रहता था। आज हम बिंदास होकर चुदाई का पूरा मज़ा ले रहे थे।

अब चाची ने अपनी टांग चौड़ी कर दी और पलंग के नीचे झुककर खड़ी हो गई; मैं पीछे से अपना लन्ड डालकर चोदने लगा।

थोड़ी देर बाद चाची ने पानी छोड़ दिया अब लंड फच्च फच्च करके फिसलता हुआ बच्चादानी तक जाने लगा।
चाची की सिसकारियां तेज़ हो गई थी.

अब मैंने अपने लौड़े को तेजी से अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। थप थप थप थप फच्च फच्च फच्च की आवाज कमरे में गूंजने लगी।

हम दोनों अब यह भी भूल गए कि बगल के कमरे में नानी सो रही थी।

एक बार फिर चाची ने अपनी चूत की पकड़ मजबूत कर ली और मेरा लन्ड भी एकदम से रफ्तार में आ गया।
मैं चाची की चूचियों को मसलते मसलते झटके लगाने लगा। अब दोनों तरफ से बराबर झटके लगने लगे थे।

एकदम से चाची भतीजा दोनों के शरीर अकड़ गए और एक साथ पानी छोड़ दिया।

मैं चाची के ऊपर गिर गया. मेरा लन्ड अब तक चाची की चूत में घुसा हुआ था।

थोड़ी देर बाद दोनों अलग हुए चाची ने लंड चूस कर साफ़ कर दिया।
चाची ने चादर ओढ़ ली नानी के रुम चली गई।

थोड़ी देर बाद चाची आई और बोली- राज, अम्मा पर दवा का असर है. वो गहरी नींद में सो रही है।

यह सुनकर मैंने चाची को अपनी तरफ खींच लिया और उसके होठों को चूसने लगा; उसकी चूचियां को दबाने लगा।
मैंने उसकी दोनों चूचियों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया।

अब चाची ने अपनी चूत खोल दी और लेट गई.
मैंने देर ना करते हुए अपनी जुबान चूत में लगा दी; मैं चाची की चूत को चाटने लगा, उसमें जीभ घुसा कर चोदने लगा।

हम दोनों गरम हो गए थे। मैंने चाची को लंड पर बैठने को कहा, वो झट से चूत रखकर बैठ गई।
पूरा लंड आसानी से अंदर चला गया।

‘आहह उम्म्ह हहह आओहह’ करके चाची अपनी कमर ऊपर नीचे करने लगी।

पलंग से आवाज आने लगी और चाची लंड पर उछल उछल कर गांड़ पटकने लगी।

मैंने चाची को घोड़ी बनाया और चोदने लगा अब लंड सटा सट सटा सट अंदर बाहर होने लगा।
चाची की दोनों चूचियों को पकड़ कर चोदने लगा. अब चाची सिसकारियां भरने लगी और बोली- राज, और तेज़ चोद मुझे! आज अपनी चाची की चूत फ़ाड़ दे! आहह चोद मुझे … ओहह अआह!

अब मैं जोश में आ गया और तेज़ी से अंदर-बाहर करने लगा. चाची अपनी गांड आगे पीछे करने लगी और आहहह आहहह करके मस्ती में लन्ड लेने लगी।

चाची की चूत ने पानी छोड़ दिया.
अब मैं अपनी रफ़्तार से चोदने लगा, चूत से पानी बाहर निकलने लगा और चाची की जांघों पर आने लगा।
अब गीला लंड फच्च फच्च फच्च की आवाज करने लगा।

मैंने चाची को घोड़ी बना दिया और उसकी गान्ड में लन्ड फेरने लगा।
तभी चाची की गांड में थूक लगाया और लंड को अंदर घुसा दिया.
उसकी ‘आहहह ऊईईईई ऊईईई’ चीख निकल पड़ी।

मैंने उसकी चूचियों को सहलाना शुरू कर दिया और लंड धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा।

थोड़ी देर बाद चाची ने अपनी गांड की रफ्तार बढ़ा दी और तेज़ी से लंड अंदर बाहर होने लगा।
अब गांड की थप थप थप थप की आवाज़ कमरे में भरने लगी।

आज चाची बिल्कुल भी नहीं डर रही थी और अपनी सिसकारियों की आवाज़ तेज करती जा रही थी।

अब मेरा लन्ड अपने आप तेज़ हो गया और झटके के साथ पानी छोड़ दिया।
मैं चाची के ऊपर चिपक कर लेट गया लंड को चूत से निकाल लिया।

हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर किस करने लगे और पता नहीं चला कब दोनों को नींद आ गई।
दोनों नंगे बदन एक दूसरे को बांहों में लेकर सो गए थे।

सुबह अचानक चाची की नींद खुली तो उसने मुझे जगाया फिर हम दोनों एक साथ बाथरूम गए।
वहां से आकर दोनों किस करने लगे और एक दूसरे के अंगों को सहलाने लगे।

अब चाची ने लंड चूसना शुरू कर दिया और उसकी चूचियों को मसलना मैंने शुरू कर दिया।
मैंने चाची को लिटा दिया और चोदने लगा; लंड गपागप गपागप अंदर बाहर करने लगा। अब चाची की चूत में लन्ड आराम से जाने लगा था।

हम दोनों एक-दूसरे को पागलों के जैसे चूमने लगे, मैंने उसकी चूचियों को मुंह में भर लिया और चूसने लगा।
अब चाची ने कहा- राज, आज तुम मुझे अपनी गोद में उठा कर चोदो.

मैंने चाची को गोद में उठाया और झटके लगाने लगा. अब उसकी बड़ी बड़ी चूचियां हवा में झूलने लगी।

चाची ‘आहहह उम्माह हह आहहह राज … और तेज़ चोदो मुझे!’ चिल्लाती रही और मैं झटके पे झटके लगाने लगा।

फिर चाची को मैंने पलंग पर झुका दिया और चोदने लगा। वो भी अपनी कमर हिला हिला कर लंड का स्वाद ले रही थी।

अब चाची ने लंड को चूत में दबा लिया और पानी छोड़ दिया। मैंने अपने लौड़े को रफ्तार से अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।

एक बार फिर चाची को लिटाकर मैंने उनके ऊपर आ गया और लन्ड घुसा दिया। गीला लंड चाची की चूत में आसानी से अंदर बाहर होने लगा था।

आज मैं चाची को उसी के घर में बिना किसी डर के चोद रहा था; हम दोनों एक-दूसरे को चरम सुख दे रहे थे।

धीरे धीरे दोनों की सिसकारियां तेज़ हो गई और दोनों ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी। झटके पे झटके लगने लगे और थप थप थप थप की आवाज़ तेज हो गई।

चाची ने और मैंने पानी छोड़ दिया और थककर लेट गए।

दोनों बातें करने लगे और चुदाई की थकान से दोनों को नींद आ गई।

सुबह अचानक से नानी की आवाज आई तो मेरी नींद खुली। हम दोनों नंगे एक-दूसरे से चिपक कर लेटे हुए थे।
मैंने चाची को जगाया.

नानी ने फिर से आवाज दी।
मैंने अपनी अंडरवियर और बनियान पहन ली और नानी के पास चला गया।
थोड़ी देर बाद चाची भी आ गई।

फिर चाची ने सबको चाय पिलाई और हम सब अस्पताल पहुंच गए, वहां नानी का इलाज करवाया. शाम को घर आ कर खाना खाया और नानी के सोने के बाद चाची मेरे पास आ गई।

उस रात भी हमने 4 बार जमकर चुदाई की और अगले दिन 10 बजे मैं घर के लिए निकल पड़ा।

इस तरह मैंने अपनी चाची को उसके मायके में दो रात जमकर चोदा।

देसी चाची Xxx स्टोरी आपको कैसी लगी? मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.
आपका राज शर्मा
[Hindi sex stories]

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